


(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
रुद्रपुर। कल्याणी नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने सिडकुल पंतनगर क्षेत्र में स्थापित ईएसटीपी (इफ्लुएंट सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) एवं रॉकेट इंडिया प्रालि में स्थापित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने कल्याणी नदी के उदगम स्थल से पानी के सैंपल भरवाकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजने के निर्देश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को दिए। डीएम ने गुरुवार को क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी भी इकाई द्वारा बिना ट्रीट किया गया दूषित जल कल्याणी नदी या अन्य नदियों में छोड़ा जाता पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कंपनियों में सीईटीपी-ईटीपी लाइन स्थापित किए जाने तथा प्रदूषित जल का निस्तारण नदियों में न किए जाने संबंधी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, जो अब तक प्रस्तुत नहीं की गई है। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सिडकुल ढाल के पास तथा सिडकुल क्षेत्र में जगह-जगह कूड़ा और गंदगी पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। नगर आयुक्त को तत्काल कूड़ा साफ कराने के निर्देश दिए, वहीं आरएम सिडकुल को इस संबंध में नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा डीएम ने प्रदूषण की स्थिति की व्यापक जांच के लिए कल्याणी नदी के उद्गम स्थल पत्थरचट्टा, सिडकुल के प्रारंभिक स्थल, सिडकुल के अंतिम छोर, अटरिया पुल तथा शहर के अंतिम छोर यूपी बॉर्डर पर कल्याणी नदी के पानी के सैंपल जांच के लिए लेने के निर्देश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए। इस दौरान एडीएम पंकज उपाध्याय एवं कौस्तुभ मिश्र, एसडीएम गौरव पांडेय, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एसपी सिंह, तहसीलदार दिनेश कुटौला आदि मौजूद रहे।
