



(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
ऊधम सिंह नगर जिले में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल हवा-बारिश के कारण लेट गई है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
जिले में लगभग 1.8 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं और 5000 हेक्टेयर भूमि पर सरसों की फसल बोई गई है। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार उपज अच्छी होगी और वे अच्छी कमाई कर पाएंगे। लेकिन, अचानक आए मौसम के इस बदलाव ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बारिश के पानी से जमीन पर बिछ गई है। किसानों का कहना है कि बारिश उनकी फसलों के लिए बेहद हानिकारक साबित हो रही है। मौसम में आए इस अप्रत्याशित बदलाव के कारण न केवल कटाई के काम में देरी होगी, बल्कि फसल के खराब होने का जोखिम भी काफी बढ़ गया है। कई किसान इस बात से चिंतित हैं कि यदि बारिश और तेज हवाएं जारी रहीं तो उनकी बची-खुची फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो सकती है।
नुकसान का आंकलन कर रही टीमें
गेहूं की फसल के लेटने के बाद जिला प्रशासन ने कृषि विभाग नुकसान का आंकलन करने को कहा है। जहां-जहां फसल प्रभावित होगी पटवारी रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को देगा।
जहां फसलों को नुकसान पहुंच रहा है उसका आंकलन कर रिपोर्ट बनाई जाएगी। फसल नुकसान का किसानों को मुआवजा दिया जाएगा- नितिन सिंह भदौरिया, डीएम
