


(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
पंतनगर। महामहिम राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पंतनगर विश्वविद्यालय में 4 दिवसीय उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता का दीप प्रज्ज्वलित कर व मशाल प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। महामहिम राज्यपाल ने 800 मीटर पुरुष, महिला वर्ग रेस के विजेताओं को मेडल व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए महामहिम राज्यपाल ने कहा उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय खेल एवं क्रीड़ा महोत्सव के उद्घाटन समारोह में आप सभी प्रिय छात्र-छात्राओं और देवभूमि उत्तराखंड की उज्ज्वल युवा शक्ति के मध्य उपस्थित होना मेरे लिए अत्यंत हर्ष और आत्मगौरव का विषय है। यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाशक्ति, अनुशासन, संकल्प और राष्ट्रभावना का उत्सव है।
उन्होंने कहा हमारी मूल भावना है “राष्ट्र सर्वोपरि”। खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त साधन हैं। मैदान में जो अनुशासन, समर्पण और टीम भावना विकसित होती है, वही आगे चलकर राष्ट्र प्रथम की चेतना को सुदृढ़ करती है। जब कोई खिलाड़ी मैदान में उतरता है, तो वह केवल स्वयं का नहीं, बल्कि अपने राज्य और अपने राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करता है।
विश्वविद्यालय जीवन केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। शिक्षा और खेल—दोनों का संतुलित विकास ही संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण का आधार है। जो विद्यार्थी पढ़ाई में उत्कृष्ट है और खेल में सक्रिय है, वही आत्मविश्वासी, संतुलित और नेतृत्व क्षमता से युक्त नागरिक बनता है।
महामहिम ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि समग्र विकास करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया है कि खेल और सह-पाठ्य गतिविधियों को मुख्यधारा में स्थान देकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व को विकसित करने का मार्ग प्रशस्त किया गया है। यह महोत्सव उसी भावना का सशक्त उदाहरण है।
महामहिम ने कहा आज हमारे बीच बड़ी संख्या में महिला खिलाड़ी भी भाग ले रही हैं। यह अत्यंत हर्ष का विषय है। “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” केवल एक विचार नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का आधार है। जब बेटियाँ खेल में आगे बढ़ती हैं, तब समाज की सोच नहीं, राष्ट्र की दिशा बदलती है।
उन्होंने कहा विश्वविद्यालय स्तर से ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच की तैयारी प्रारंभ होती है। मैं आप सभी खिलाड़ियों से आह्वान करता हूँ कि आप केवल इस प्रतियोगिता तक सीमित न रहें, बल्कि ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों को अपना लक्ष्य बनाएँ।
उन्होंने कहा उत्तराखंड की धरती से भी ऐसे खिलाड़ी निकलें जो विश्व पटल पर भारत का तिरंगा ऊँचा करें। जब तिरंगा विश्व मंच पर लहराता है, तो वह केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, 140 करोड़ भारतवासियों का गौरव होता है। वह क्षण पूरे राष्ट्र की सामूहिक चेतना और गर्व का क्षण बन जाता है। जीत और हार दोनों जीवन का हिस्सा हैं। सच्ची विजय पदक में नहीं, बल्कि आपके प्रयास में है। खेल हमें सिखाते हैं कि सफलता में विनम्र और असफलता में धैर्यवान कैसे रहें। यही गुण जीवन में नेतृत्व और उत्कृष्टता का आधार बनते हैं।
महामहिम ने कहा प्रिय खिलाड़ियों याद रखिए, आज का खिलाड़ी कल का नेतृत्वकर्ता है। आपका परिश्रम, अनुशासन और आपका संकल्प विकसित भारत 2047 की आधारशिला है। जब युवा सशक्त होगा, तभी राष्ट्र सशक्त होगा; जब राष्ट्र सशक्त होगा, तभी विश्व में भारत की प्रतिष्ठा और ऊँची होगी। इन्हीं भावनाओं के साथ, मैं उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय खेल एवं क्रीड़ा महोत्सव के सफल आयोजन की शुभकामनाएँ देता हूँ और आप सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
महामहिम ने कहा आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें- स्वस्थ तन की शक्ति के साथ, दृढ़ मन की अडिगता के साथ, और अटूट राष्ट्रभक्ति की ज्योति के साथ, हम फिट उत्तराखंड का निर्माण करेंगे, सशक्त भारत का सृजन करेंगे और विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करेंगे।
कुलपति जीबी पंत विश्वविद्यालय डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल का स्वागत करते हुए कार्यक्रम में आए अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया व सभी खिलाड़ियों से खेल भावना तथा अनुशासन से खेलने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि इस अंतर राज्य विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता में 10 विश्वविद्यालयो के लगभग 722 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं।
इस अवसर पर कुलपति कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रो. डीएस रावत, अल्मोड़ा विश्वविद्यालय डॉ. सतपाल सिंह बिष्ट, कुलसचिव दीपा विनय, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र चौधरी, विश्वविद्यालय डेम बीएस चलाल, सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल,अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के डीन, डायरेक्टर, कोच, निर्णायक, खिलाड़ी मौजूद थे।

