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गु.श्री गुरु हरगोबिंद सर नवाबगंज में सजाए धार्मिक दीवान
रिपोर्टर सागर धमीजा

गु.श्री गुरु हरगोबिंद सर नवाबगंज में सजाए धार्मिक दीवान
वक्ताओं ने गुरबाणी की कथा के अलावा भाई विचित्र सिंह एवं शहीद उधम सिंह के जीवन पर डाला प्रकाश
गदरपुर । उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु हरगोविंद सर नवाब गंज‌ में सावन मास /जुलाई महीने की अमावस्या के अवसर पर भारी गुरमत समागम आयोजित किए गये । श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ के भोग के उपरांत हजूरी रागी भाई हरजीत सिंह ने शब्द कीर्तन में अनंद भया मेरी माए सतगुरु मैं पाया गायन करने के साथ संगत को निहाल किया किया।कथावाचक भाई जसवीर सिंह द्वारा गुरू ग्रंथ साहिब जी के परिचय तथा गुरु शबद की कथा के उपरांत संगत को गुरबाणी के आधार पर अपने जीवन को संवारने का आहवान किया गया ।‌ मोरिंडा पंजाब से आए ढाढी जत्था भाई मनजीत सिंह बाठ द्वारा गुरु इतिहास एवं शहीदों मैं महान जरनैल भाई विचित्र सिंह की शहीदी गाथा का वर्णन किया गया । कविश्री जत्था भाई सतनाम सिंह शौंकी द्वारा शहीद उधम सिंह का शहीदी इतिहास श्रवण कराकर संगत को धर्म एवं इतिहास के प्रति जागरूक किया।भाई नरेंद्र सिंह और हरविंदर सिंह द्वारा कथा करने के साथ भाई राम सिंह द्वारा कार्यक्रम संचालन किया गया । इस अवसर पर दूर दराज से आई हजारों की संख्या में संगत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को माथा टेका तथा पवित्र सरोवर मैं स्नान करके गुरु का लंगर रूपी प्रसाद ग्रहण किया। कार सेवा के भाई गुरमीत सिंह द्वारा सभी संगत का धन्यवाद करते हुए गुरमत सिद्धांतों पर चलकर गुरु की कृपा के पात्र बनने का आहवान किया गया ।

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