


(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
रुद्रपुर। किच्छा स्थित बसंत गार्डन निवासी शाम्भवी तिवारी ने संघ लोक सेवा आयोग यूपीएससी की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में 46वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने अपने कैम्प कार्यालय में शाम्भवी तिवारी को आमंत्रित कर उन्हें इस शानदार सफलता के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि शाम्भवी की यह उपलब्धि जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और उनके समर्पण, अनुशासन व मेहनत का परिणाम है।
शाम्भवी तिवारी के पिता सुशील तिवारी टांडा स्थित श्री गुरुनानक इंटर कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। उनकी माता निवेदिता अवस्थी नानकमता स्थित डिग्री कॉलेज में लेक्चरार हैं। शिक्षा और संस्कारों से समृद्ध पारिवारिक माहौल ने शाम्भवी को अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रेरित किया।
शाम्भवी ने वर्ष 2024 में भी यूपीएससी की परीक्षा दी थी, जिसमें उन्हें 445वीं रैंक प्राप्त हुई थी और रेलवे ट्रैफिक सेवा में चयन का अवसर मिला था। किन्तु वह इससे संतुष्ट नहीं थीं और उन्होंने अपने लक्ष्य को और बेहतर बनाने के लिए दोबारा परीक्षा देने का निर्णय लिया। अपनी कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास के बल पर उन्होंने इस बार 46वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
शाम्भवी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पंतनगर स्थित कैंपस स्कूल से प्राप्त की और इसके बाद पंतनगर से ही इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। उनके नाना डॉ. आरपी अवस्थी पंतनगर विश्वविद्यालय से प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। शाम्भवी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, नाना तथा ईश्वर की प्रेरणा को देती हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वह प्रतिदिन लगभग छह से सात घंटे अध्ययन करती थीं। वहीं इंटरव्यू की तैयारी के समय उन्होंने पढ़ाई के समय की कोई निश्चित सीमा नहीं रखी और लगातार मेहनत की। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उन्होंने मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग लेकर अपनी तैयारी को और मजबूत किया।
शाम्भवी ने बताया कि आज के दौर में आधुनिक तकनीक को अपनाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सबसे पहले अपना लक्ष्य स्पष्ट रूप से निर्धारित करना चाहिए और फिर उसे प्राप्त करने के लिए पूरी लगन और मेहनत के साथ प्रयास करना चाहिए। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि जीवन में संतुलन बनाए रखना और सकारात्मक सोच के साथ मेहनत करना ही सफलता की कुंजी है।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, उपजिलाधिकारी गौरव पाण्डे, सुशील तिवारी मौजूद थे।
