


(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)


देहरादून। भाजपा की अंदरूनी जंगी राजनीति का एक नजारा देहरादून में देखने को मिला। अभी तक अवैध खनन, सुखवंत आत्महत्या केस व अपने अवैध निर्माण को लेकर कुमाऊं की तराई को गर्माने वाले भाजपा विधायक अरविंद पांडे शुक्रवार को देहरादून पहुंच गए।
दरअसल, कुछ दिन पहले एक शिकायत पर गदरपुर विधायक पांडे के रिश्तेदारों पर मुकदमे दर्ज हो गए। इस मामले में दोनों पक्षों के नार्को टेस्ट की मांग को लेकर पांडे ने डीजीपी दीपम सेठ से मुलाकात की और डीजीपी से कहा कि शिकायत करने वाले और उनके परिजनों का नार्को टेस्ट करवाया जाए।
अपने परिवार पर दर्ज झूठे और मनगढ़ंत मुकदमों के खिलाफ डीजीपी को पत्र सौंपा और कहा कि उनका और उनके परिवार का नार्को/ पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाए। यजी भी।कहा कि उन लोगों का भी टेस्ट हो, जिन्होंने मुकदमा दर्ज कराया है।

डीजीपी सेठ से मुलाकात के बाद विधायक ने कहा कि “अगर मुझ पर या मेरे परिवार पर आरोप सही साबित हुआ तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा।” विधायक पांडे ने कहा कि दोनों पक्षों की जांच फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। पत्र में अरविंद पाण्डेय ने कहा कि 20 जनवरी 2026 को उनके परिजनों के खिलाफ थाना बाजपुर में FIR संख्या 18/2026 दर्ज की गई, जो कि झूठे तथ्यों और राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जांच में दोनों पक्षों का पॉलीग्राफ, नार्को टेस्ट और हस्तलेख परीक्षण किया जाए।
भाजपा विधायक पांडे ने कहा कि किसान सुखवंत आत्महत्या मामले में सीबीआई जांच की मांग पर अडिग हैं। पांडे ने कहा कि “अगर किसान झूठ बोल रहा है तो अधिकारी क्यों फंसे? और अगर सच बोल रहा है तो दोषी क्यों बचें?” गौरतलब है कि हाल ही में जिला प्रशासन ने अरविंद पांडे को एक अवैध निर्माण पर नोटिस भी जारी किया है। कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गयी है।
इस मुद्दे पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत,सांसद अनिल बलूनी व विधायक मदन कौशिक गदरपुर जाने वाले थे। लेकिन बाद में यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। भाजपा विधायक ने कई पार्टी विधायकों के समर्थन मिलने की बात कही थी। अवैध कब्जे, फ्राड, सुखवंत आत्महत्या व अवैध खनन को लेकर भाजपा विधायक पांडे अपनी ही सरकार को घेर रहे हैं।
शुक्रवार को दून में सीबीआई जांच व नार्को टेस्ट की मांग उठाकर पांडे ने पुलिस के सामने नयी चुनौती पेश कर दी है। पांडे के इस कदम से भाजपा में जारी खेमेबंदी के फिर से जोर पकड़ने की संभावना बनती दिख रही है।
पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड देहरादून कृ० अवगत कराना है कि दिनांक 20 जनवरी 2026 को मेरे परिजनों जयप्रकाश तिवारी (बहनोई) देवानंद पाण्डेय (भाई) किशन पाण्डेय व मोहन पाण्डेय (चचेरे भाई) के विरूद्ध थाना बाजपुर में झूठे एवं गलत तथ्यों के आधार पर धारा 318 (4), 351 (2) भारतीय न्याय सहिंता के अन्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 18 वर्ष 2026 दर्ज की गई जो कि बेबुनियाद एंव गलत है। मेरा निवेदन है कि उक्त रिपोर्ट दर्ज कराने वाले व्यक्ति एवं जिनके विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई है। घटना के संबंध में पॉलीग्राफ टेस्ट व हस्तलेख परिक्षण कराया जाय । यदि शिकायतकर्ता की शिकायत झूठी पाई जाए तो उसके विरूद्ध झूठी शिकायत देने के लिए कानूनी कार्यवाही किया जाना न्यायोचित है जिससे पीड़ितपक्ष को न्याय मिल सके। अतः आपसे अपेक्षा है कि उक्त के क्रम में कानूनी कार्यवाही करना सुनिश्चित करें :अरविन्द पाण्डेय



